Union Cabinet : Agriculture Export Policy Approved, Country Will Get 15 Technology Innovation Hubs – मोदी कैबिनेट के फैसले : कृषि निर्यात नीति को मिली मंजूरी, देश में खुलेंगे 15 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Dec 2018 09:52 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

ख़बर सुनें

आज आयोजित हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इनमें किसानों के लिए कृषि निर्यात नीति को मंजूरी देने के साथ जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम में संशोधन भी पास किया गया है। इसके साथ ही देश में तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए भी फैसले लिए गए हैं। 

केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि कैबिनेट ने कृषि निर्यात नीति को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार के उस दावे के तहत लिया गया है जिसमें 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि यह नीति किसानों के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध होगी। 

इसके अलावा कैबिनेट में इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम पर राष्ट्रीय मिशन के तहत 15 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब, छह एप्लीकेशन इनोवेशन हब और चार टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च हब की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय देश को तकनीकी क्षेत्र में मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।  

इसके साथ ही कैबिनेट ने पंजाब में रावी नदी पर शाहपुरकिंडी बांध के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी। इस निर्णय से रावी नदी के कुछ पानी को बचाने में मदद मिलेगी जो फिलहाल में पाकिस्तान जाता है। 

कैबिनेट में जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक एक्ट 1951 में भी संशोधन का निर्णय भी लिया गया। इसके अनुसार अब विपक्षी दल के नेताओं को भी इसका सदस्य बनाने की मंजूरी मिल गई है।

आज आयोजित हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इनमें किसानों के लिए कृषि निर्यात नीति को मंजूरी देने के साथ जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम में संशोधन भी पास किया गया है। इसके साथ ही देश में तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए भी फैसले लिए गए हैं। 

केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि कैबिनेट ने कृषि निर्यात नीति को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार के उस दावे के तहत लिया गया है जिसमें 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि यह नीति किसानों के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध होगी। 

विज्ञापन




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*